परिणाम के बाद भी बदला शासनादेश परिषदीय स्कूलों की 68500 सहायक अध्यापकों की लिखित परीक्षा से पहले और भर्ती के दौरान ही नियम नहीं बदले गए, बल्कि रिजल्ट आने के बाद शासनादेश के विपरीत कॉपियों की जांच (स्क्रूटनी) कराई जा रही

September 22, 2018
Advertisements

परिणाम के बाद भी बदला शासनादेश

परिषदीय स्कूलों की 68500 सहायक अध्यापकों की लिखित परीक्षा से पहले और भर्ती के दौरान ही नियम नहीं बदले गए, बल्कि रिजल्ट आने के बाद शासनादेश के विपरीत कॉपियों की जांच (स्क्रूटनी) कराई जा रही

धर्मेश अवस्थी’ इलाहाबाद

परिषदीय स्कूलों की 68500 सहायक अध्यापकों की लिखित परीक्षा से पहले और भर्ती के दौरान ही नियम नहीं बदले गए, बल्कि रिजल्ट आने के बाद शासनादेश के विपरीत कॉपियों की जांच (स्क्रूटनी) कराई जा रही है। खास यह कि कुछ को छोड़कर अधिकांश बदलाव अभ्यर्थियों के हित में हैं। कॉपियों की जांच से ही संशोधित रिजल्ट तैयार हो रहा है।

पहली बार हुई लिखित परीक्षा के ऐन मौके पर शासन ने उत्तीर्ण प्रतिशत काफी कम कर दिया था। हालांकि रिजल्ट आने से पहले ही कोर्ट के हस्तक्षेप पर निर्णय बदलना पड़ा। 13 अगस्त को परिणाम घोषित होते ही अभ्यर्थियों ने अंकों में हेराफेरी के गंभीर आरोप लगाए। तत्कालीन परीक्षा नियामक प्राधिकारी सचिव की ओर से कहा गया कि अब रिजल्ट में बदलाव नहीं हो सकता है, क्योंकि शासनादेश में ऐसा ही प्रावधान है।

कॉपियों को लेकर यह नियम: नौ जनवरी को जारी भर्ती के शासनादेश में अन्य महत्वपूर्ण बिंदु के पैरा तीन में लिखा है कि उत्तर पुस्तिका की पुन: जांच, पुन: आकलन, पुन: मूल्यांकन अथवा संवीक्षा के लिए निवेदन व इस संबंध में पत्रचार नहीं किया जाएगा और न ही उस पर कोई कार्रवाई की जाएगी। नियम नंबर 23 में उत्तर पुस्तिका की स्कैन कॉपी दो हजार के डिमांड ड्राफ्ट पर देने का प्रावधान किया गया। इसे अभ्यर्थी रिजल्ट की तारीख से एक वर्ष तक हासिल कर सकते हैं।

अफसरों को बदलना पड़ा नियम: भर्ती के परिणाम को लेकर मचे हंगामे को शांत करने के लिए अफसरों को नौवें दिन ही नियम बदलना पड़ा। कहा गया कि कॉपियों की जांच करा रहे हैं। इसमें यदि अंक देने में त्रुटि मिलती है तो उसका सुधार करेंगे और सफल होने वालों को नियमानुसार नियुक्ति दिलाएंगे।

निर्देशों को सचिव ने किया खारिज: परीक्षा नियामक प्राधिकारी सचिव अनिल भूषण चतुर्वेदी का कहना है कि उन्हें भर्ती की कॉपियों की स्क्रूटनी आदि का कोई निर्देश नहीं मिला है।

Advertisements

Share this

Related Posts

Previous
Next Post »

Related Ads