माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड : चयनित ओबीसी अभ्यर्थी अब बाहर

October 07, 2018
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माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड : चयनित ओबीसी अभ्यर्थी अब बाहर

राज्य ब्यूरो, इलाहाबाद : माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड ने कई अभ्यर्थियों को चयनित के बाद बाहर का रास्ता दिखा दिया है। पिछड़ा वर्ग यानी ओबीसी के अभ्यर्थियों को एससी की सीट पर चयनित कर दिया गया, छानबीन में इसे मानवीय त्रुटि बताकर दो अभ्यर्थियों को चयन सूची से बाहर कर दिया गया है। ऐसा ही एक महिला अभ्यर्थी के साथ भी हुआ है।

चयन बोर्ड की वेबसाइट पर दी गई विज्ञप्ति के अनुसार प्रशिक्षित स्नातक वर्ष 2011 विज्ञान विषय में सत्य प्रकाश व अमरदीप आर्य ने आवेदन पत्र, ओएमआर शीट व साक्षात्कार के समय सत्यापन प्रपत्र पर पिछड़ी जाति होने का उल्लेख किया है। चयन बोर्ड एजेंसी के मास्टर डाटा में दोनों की जाति गलती से अनुसूचित जाति यानी एससी दर्ज हो गई। इससे दोनों अभ्यर्थी एससी की सीट पर चयनित भी हो गए। जब उन्हें संस्था आवंटन की बारी आई तो पत्रवलियां खंगाली गई इसमें दोनों पिछड़ी जाति के मिले। चयन बोर्ड ने दोनों को पिछड़ी जाति की चयनित सूची में स्थानांतरित किया लेकिन, दोनों की कटऑफ मेरिट पिछड़ी जाति के चयनित अभ्यर्थियों से काफी कम मिलने पर उन्हें चयन से बाहर कर दिया है। टीजीटी वर्ष 2011 बालिका वर्ग में श्रीमती ममता सक्सेना ने आवेदन पत्र व साक्षात्कार के समय सत्यापन प्रपत्र में बालक वर्ग भरा है। लेकिन, चयन बोर्ड की गलती से ममता का चयन बालिका वर्ग में हो गया। संस्था आवंटन के समय यह पाया गया कि इन्हें बालक वर्ग में होना चाहिए था। इन्हें बालक वर्ग में स्थानांतरित करने पर उनका कटऑफ चयनित बालक अभ्यर्थियों से मिला, इसलिए ममता को भी अंतिम रूप से बाहर कर दिया गया है। सचिव चयन बोर्ड ने लिखा है कि ये त्रुटियां मास्टर डाटा बेस में गलती से दर्ज हो गई थी, मानवीय चूक होने के कारण अब उनका निवारण कर दिया गया है। अंतिम परिणाम में संशोधन करके चयनित सूची संबंधित कालेजों को भेजी गई है। 1दो अभ्यर्थियों का प्रमाणपत्र अमान्य चयन बोर्ड ने वर्ष 2011 टीजीटी हंिदूी विषय के लिए ओबीसी वर्ग के पंकज कुमार का प्रमाणपत्र सही न होने पर अमान्य कर दिया है। आवेदन के समय उनके पास अर्हता ही नहीं थी। ऐसे ही भूतपूर्व सैनिक तिलकराम का प्रमाणपत्र भी अवैध हुआ है। उनकी सेना से सेवानिवृत्ति 2014 में हुई, 2012 में आवेदन के समय वह सेवा में थे इसलिए उन्हें पूर्व सैनिक का लाभ नहीं दिया जा सकता। चयन बोर्ड ने यह परिणाम भी संशोधित करने के बाद कालेजों को चयन सूची भेजी है

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