चयन बोर्ड की राह पर लोक सेवा आयोगभर्तियों के परिणाम व साक्षात्कार पर 22 मार्च से लगी रोक हटाने को याचिका निवर्तमान प्रमुख सचिव हलफनामा दे चुके, चार जुलाई को होगी सुनवाई

May 29, 2017
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चयन बोर्ड की राह पर लोक सेवा आयोग

भर्तियों के परिणाम व साक्षात्कार पर 22 मार्च से लगी रोक हटाने को याचिका

निवर्तमान प्रमुख सचिव हलफनामा दे चुके, चार जुलाई को होगी सुनवाई

अन्य साक्षात्कार पर लगी रोक

प्रवक्ता यांत्रिक अभियंत्रण
अग्निशमन अधिकारी
मुख्य अग्निशमन अधिकारी
शोध सहायक अभियंत्रण
प्रवक्ता माइक्रोबायोलॉजी
प्रवक्ता भौतिकी
प्रवक्ता प्रसूति तंत्र एवं स्त्री रोग
प्रवक्ता संगीत
व्यवस्थाधिकारी राज्य संपत्ति विभाग
उप क्रीड़ाधिकारी
प्रवक्ता ब्लड बैंक
कर्मशाला अनुदेशक
अनुदेशक पाकशाला
प्रवक्ता शालाक्य
प्रोफेसर शालाक्य तंत्र
क्रीड़ाधिकारी
प्रवक्ता फिजियोलॉजी
रीडर कौमार्य
प्रवक्ता एपिडेमोलॉजिस्ट
प्रवक्ता डायट हंिदूी
प्रवक्ता फार्मोकोलॉजी
कुलसचिव।

नया कदम

राज्य ब्यूरो, इलाहाबाद : माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड की राह पर उप्र लोकसेवा आयोग भी चल पड़ा है। चयन बोर्ड में स्नातक शिक्षक 2013 के पांच विषयों का लंबित परीक्षा परिणाम जिस तरीके से जारी हुआ, उसी लकीर पर आयोग की भर्तियां शुरू कराने को कदम बढ़ाये गए हैं। आयोग की भर्तियों को लेकर हाईकोर्ट में दाखिल याचिका को चयन बोर्ड प्रकरण के साथ जोड़ दिया गया है और अब इस मामले की चार जुलाई को सुनवाई होगी। हालांकि आयोग ने चयन बोर्ड की तर्ज पर न तो साक्षात्कार शुरू किया और न कोई रिजल्ट जारी किया है।

प्रदेश सरकार के निर्देश पर उप्र लोकसेवा आयोग समेत विभिन्न भर्ती आयोग व बोर्डो में चयन प्रक्रिया बीते 22 मार्च से रोक दी गई थी। माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड की भर्तियों को लेकर पिछले दिनों हाईकोर्ट में याचिका दाखिल हुई। इसमें तत्कालीन प्रमुख सचिव माध्यमिक शिक्षा जितेंद्र कुमार से हलफनामा मांगा गया। प्रमुख सचिव ने कोर्ट को बताया कि उन्होंने भर्तियां रोकने का कोई आदेश या निर्देश नहीं दिया है। इस हलफनामे के दूसरे ही दिन चयन बोर्ड ने लंबित पांच विषयों का रिजल्ट जारी कर दिया। कोर्ट ने चयन बोर्ड अध्यक्ष से 26 मई को काउंटर मांगा। चयन बोर्ड का रिजल्ट जारी हो जाने के बाद रामबचन यादव ने लोकसेवा आयोग की भर्तियां शुरू कराने की मांग को लेकर हाईकोर्ट में याचिका दायर कर दी है। राम बचन की याचिका न्यायमूर्ति एपी शाही और न्यायमूर्ति दयाशंकर त्रिपाठी की खंडपीठ में दाखिल हुई। जजों ने इसकी सुनवाई करते हुए कहा कि इसी से संबंधित चयन बोर्ड का प्रकरण न्यायमूर्ति अरुण टंडन की कोर्ट में सुना जा रहा है। इसलिए रामबचन की याचिका की सुनवाई भी उसी के साथ हो, इसे अलग से सुने जाने का औचित्य नहीं है। 26 मई को न्यायमूर्ति अरुण टंडन की कोर्ट में चयन बोर्ड अध्यक्ष के उस प्रस्ताव पर चर्चा होनी थी, जिसमें प्रमुख सचिव माध्यमिक शिक्षा की ओर से भर्तियों पर रोक लगाने का निर्देश लिखा गया है। यह सुनवाई समयाभाव के कारण नहीं हो सकी। अब चार जुलाई को इसकी सुनवाई होगी। इसी के साथ ही लोकसेवा आयोग की भर्तियों से रोक हटाने का प्रकरण भी सुना जाएगा। लोकसेवा आयोग ने याचिका दाखिल होने के बाद फिलहाल साक्षात्कार शुरू नहीं किये हैं और न ही कोई रिजल्ट घोषित किया है। 1एपीओ व 24 भर्तियां रुकी 1उप्र लोकसेवा आयोग में 22 मार्च से करीब 24 भर्तियों के साक्षात्कार रुके हैं। इनमें दो भर्तियां चल रही थीं, बाकी के साक्षात्कार कुछ दिन बाद शुरू होने थे। यह सब फिलहाल स्थगित हैं। आयोग सहायक अभियोजन अधिकारी यानी एपीओ के 372 पदों व चिकित्साधिकारी के 3286 पदों के लिए इंटरव्यू देने आए अभ्यर्थियों को बैरंग लौटा चुका है। आयोग में एपीओ के लिए 17 फरवरी से 24 मार्च तक प्रस्तावित साक्षात्कार में कुल 372 पदों के लिए 1244 अभ्यर्थियों को सम्मिलित होना था। इनमें 183 अभ्यर्थियों का इंटरव्यू बचा था। एलोपैथिक चिकित्साधिकारी के 3286 पदों के लिए 19 दिसंबर से 24 मार्च तक प्रस्तावित साक्षात्कार में कुल 5352 अभ्यर्थियों को सम्मिलित होना था। इनमें 325 से अधिक अभ्यर्थियों का साक्षात्कार बाकी था।

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