प्राथमिक-माध्यमिक पाठ्यक्रमों में अनिवार्य हो कृषि शिक्षाअभाविप राष्ट्रीय कार्यकारिणी ने पारित किए दो प्रस्ताव केरल में कम्युनिस्ट हिंसा पर केंद्र सरकार से हस्तक्षेप की

May 31, 2017
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प्राथमिक-माध्यमिक पाठ्यक्रमों में अनिवार्य हो कृषि शिक्षा

अभाविप राष्ट्रीय कार्यकारिणी ने पारित किए दो प्रस्ताव

केरल में कम्युनिस्ट हिंसा पर केंद्र सरकार से हस्तक्षेप की

मांग

राज्य ब्यूरो, लखनऊ : अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद की राष्ट्रीय कार्यकारी परिषद ने प्राथमिक और माध्यमिक शिक्षा में कृषि को अनिवार्य पाठ्यक्रम में शामिल किए जाने पर जोर दिया है। परिषद ने इसके लिए प्रस्ताव पारित किया है। इसके अलावा केरल में वामपंथी ¨हसा पर केंद्र सरकार से हस्तक्षेप की की गई है।1विद्यार्थी परिषद के राष्ट्रीय मंत्री सीमांतदास, राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य शोधार्थी शहजादी व केरल के प्रांत मंत्री पी श्यामराज ने मंगलवार को लखनऊ विश्वविद्यालय के डीपीए सभागार में पत्रकारों से वार्ता में कहा कि कृषि शिक्षा को बढ़ावा देने से भावी पीढ़ी में कृषि के प्रति लगाव व जानकारी बढ़ेगी। आधुनिक विधि, तकनीक, शोध आदि की जानकारी विद्यालयों को मिलनी चाहिए। मातृभाषा में कृषि शिक्षा दी जाए और राष्ट्रीय कृषि शिक्षा नीति बनाई जाए। आइआइटी, आइआइएम की तर्ज पर कृषि संस्थान खोले जाने की आवश्यकता है। राष्ट्रीय मंत्री सीमांत दास ने बताया कि इसी प्रस्ताव में चिकित्सा शिक्षा की कमियों की ओर सरकार का ध्यान आकर्षित किया गया।1केरल के प्रदेश मंत्री पी श्यामराज ने बताया कि केरल की वामपंथी सरकार बनने के बाद वहां राजनीतिक विरोधियों का हिंसक दमन चल रहा है। वामपंथी कार्यकर्ता नृशंसता से विरोधियों की आवाज दबाना चाहते हैं। केरल में शैक्षिक वातावरण भी ठीक नहीं है। अभी हाल में केरल में कांग्रेस कार्यकर्ताओं द्वारा सरेआम गाय काटने की निर्मम घटना और वामपंथियों द्वारा बीफ पार्टी का आयोजन धार्मिक भावनाओं को भड़काने के नजरिए से किया गया। केरल में दो सौ स्थानों पर बीफ पार्टी की गई इसी से कम्युनिस्ट पार्टी के नेताओं की मानसिकता का अनुमान लगाया जा सकता है।1राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य हैदराबाद की शोधार्थी शहजादी ने तीन तलाक का मुद्दा उठाया और कहा कि मुस्लिम महिलाओं की के अनुसार इसे प्रतिबंधित करना चाहिए। इसी प्रकार मुसलमानों को आरक्षण का भी विद्यार्थी परिषद विरोध करती है। 1विद्यार्थी परिषद के पदाधिकारियों ने बताया कि संगठन सेल टूर कार्यक्रम के माध्यम से संस्कृतियों को जोड़ने का काम कर रहा है। खासकर पूवरेत्तर के छात्र-छात्रएं एक माह के लिए यूपी व अन्य प्रदेशों में परिवारों में रहकर वहां के तौर-तरीके सीखते हैं।

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