बेसिक शिक्षा परिषद के प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालयों में पद निर्धारण पूरा होने के बाद अब उसकी समीक्षा शुरू,पहले दिन परिषद सचिव ने इलाहाबाद, वाराणसी, मिर्जापुर, बस्ती और आजमगढ़ मंडल के बेसिक शिक्षा अधिकारियों के साथ स्कूलों की जनशक्ति का हाल जाना,दूसरे दिन चित्रकूट, फैजाबाद, गोंडा, लखनऊ व गोरखपुर मंडलों के शिक्षा अधिकारियों ने प्रगति रिपोर्ट सौंपी ,पद निर्धारण के बाद शिक्षकों की नियुक्ति और तबादला करने में परिषद को सहूलियत रहेगी। यही नहीं विद्यालयों में तैनात शिक्षामित्र कितना उपयोगी हैं इसका भी आकलन किया जा रहा

May 26, 2017
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स्कूलों में जनशक्ति निर्धारण की समीक्षा शुरू

शिक्षा का अधिकार 2009 के तहत विद्यालयों में होना है प्रबंधन 1

अब इन मंडलों की बारी

तैयारी

26 मई : मेरठ, आगरा व बरेली। ’ 27 मई : मुरादाबाद, कानपुर, सहारनपुर व झांसी।

राज्य ब्यूरो, इलाहाबाद : बेसिक शिक्षा परिषद के प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालयों में पद निर्धारण पूरा होने के बाद अब उसकी समीक्षा शुरू हो गई है। प्रदेश भर के सभी बेसिक शिक्षा अधिकारियों को परिषद मुख्यालय पर अलग-अलग तारीखों में बुलाया गया है। बीएसए से विद्यालयों में 30 अप्रैल तक की छात्र-छात्रओं की संख्या और वहां कितने शिक्षक तैनात की रिपोर्ट ली जा रही है।

परिषद सचिव संजय सिन्हा ने पिछले माह बेसिक शिक्षा अधिकारियों को पद निर्धारण का आदेश दिया था। यह कार्य शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 के तहत किया जाना था। इसके तहत प्राथमिक विद्यालय में न्यूनतम दो और उच्च प्राथमिक विद्यालय में विज्ञान/गणित, सामाजिक अध्ययन और भाषा विषय के न्यूनतम तीन अध्यापकों की व्यवस्था है। यही नहीं प्राथमिक स्तर पर 30 बच्चों पर एक शिक्षक और उच्च प्राथमिक स्तर पर प्रत्येक 35 बच्चों पर एक अतिरिक्त अध्यापक की नियुक्ति का प्रावधान है। उसी के तहत प्रदेश भर के विद्यालयों का हाल जाना जा रहा है। सभी बीएसए को पद निर्धारण सूचना की हार्डकॉपी व एक्सेल सीट के साथ बुलाया गया है। पहले दिन परिषद सचिव ने इलाहाबाद, वाराणसी, मिर्जापुर, बस्ती और आजमगढ़ मंडल के बेसिक शिक्षा अधिकारियों के साथ स्कूलों की जनशक्ति का हाल जाना। दूसरे दिन चित्रकूट, फैजाबाद, गोंडा, लखनऊ व गोरखपुर मंडलों के शिक्षा अधिकारियों ने प्रगति रिपोर्ट सौंपी है। यह प्रक्रिया अगले दो दिन तक अनवरत चलेगी। माना जा रहा है कि पद निर्धारण के बाद शिक्षकों की नियुक्ति और तबादला करने में परिषद को सहूलियत रहेगी। यही नहीं विद्यालयों में तैनात शिक्षामित्र कितना उपयोगी हैं इसका भी आकलन किया जा रहा है।

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