ALLAHABAD:सर्वोदय इण्टर कालेज मुसाफिरखाना के चपरासी व् सरैया गाँव अमेठी जिले के निवासी अरूण मिश्र के ऊपर लगा है जालसाजी व् ठगी का आरोप 🎯शिक्षा के मंदिर चपरासी गिरोह बनाकर बेरोजगारों को फंसा रहा अपनी जाल में।अपने जाल में फंसा ठगी को देता है अंजाम। 🎯कालेज के चपरासी ने नौकरी दिलाने के नाम पर 20 लाख की ठगी की है। 🎯पूरा मामला इलाहाबाद निवासी डिप्टी रेंजर अवध नारायण मिश्र से जालसाजी करके ऐंठे है 20 लाख रूपये।देखें जाल साज की फोटो

June 03, 2017
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सर्वोदय इण्टर कालेज मुसाफिरखाना के चपरासी व् सरैया गाँव अमेठी जिले के निवासी अरूण मिश्र के ऊपर लगा है जालसाजी व् ठगी का आरोप
🎯शिक्षा के मंदिर चपरासी गिरोह बनाकर बेरोजगारों को फंसा रहा अपने जाल में।अपने जाल में फंसा ठगी को देता है अंजाम।
🎯कालेज के चपरासी ने नौकरी दिलाने के नाम पर 20 लाख की ठगी की है।
🎯पूरा मामला इलाहाबाद निवासी डिप्टी रेंजर अवध नारायण मिश्र से जालसाजी करके ऐंठे है 20 लाख रूपये।देखें जाल साज की फोटो

डेली न्यूज़ नेटवर्क
इलाहाबाद। सेलटैक्स विभाग में नौकरी दिलाने के नाम पर थरवई थाना अन्तर्गत डाल तिवारी पूरा गाँव निवासी अवध नारायण मिश्रा से जालसाज अरूण कुमार मिश्र ने 20 लाख रुपये ऐंठ लिये। जब भुक्तभोगी को पता चला तो उसने जालसाज से अपने 20 लाख रूपए वापस मांगे। आरोप है कि अरुण कुमार अब भुक्तभोगी को परिवार सहित जान से मारने की धमकी दे रहा है। जालसाज अरूण अपने आप को कमिश्नर का करीबी बताकर नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी की है।भुक्तभोगी अवध नारायण मिश्र के मुताबिक जनपद अमेठी के मुसाफि र खाना थाना अंतर्गत सरैया गाँव निवासी जालसाज अरुण कुमार मिश्र जून 2016 में दरवाजे के सामने से गुजर रहा था। प्यासे होने का बहाना बनाकर पानी मांगा, जिसको मैंने पानी पिलाया। बातचीत के दौरान ही उसने बताया कि उसकी रिश्तेदारी रामेन्द्र भूषण मिश्र के यहां है, जो कि अवध नारायण के गांव के हैं।अरूण ने खुद को सर्वोदय इण्टर कालेज पिण्डारा मुसाफि र खाना में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी बताया। उसने कहा कि सेल टैक्स विभाग में कमिश्नर कोटा की भर्तियाँ निकली हैं। फैजाबाद के सैलटैक्स कमिश्नर मिश्रा जी से मेरे गहरे ताल्लुकात हैं। इसलिए कमिश्नर कोटे वाली भर्तियों में आपके दोनों बेटों की नौकरी लगवा देगा। आरोप है कि अरुण के झांसे में आए अवध नारायण मिश्र ने अपने दोनों बेटों दिव्यांशु व हिमांशु की नौकरी लगवाने के बदले 20 लाख का खर्च बताया। भुक्तभोगी ने एकमुश्त पैसा न देकर किश्तो में पैसा देने की बात कही। अवध नारायण ने अपने जीपीएफ व एलआईसी आदि से लोन लेकर किसी तरह 16 लाख रूपये दिये। फिर पत्नी और बेटी के जेवर बेचकर 4 लाख रूपये दे दिये। जिनमें भुक्तभोगी ने दो किस्तें नेट बैंकिंग नेफ्ट के माध्यम से ऑनलाइन बैंकिंग के द्वारा सीधे जालसाज के बैंक आफ बड़ौदा के खाते में ट्रांसफर किया। 28 मार्च 2017 को अवध नारायण के छोटे लड़के दिव्यांशु मिश्र के मोबाइल पर अरूण कुमार मिश्र ने नौकरी की ज्वाइनिंग के लिए मैसेज भेजा। बातचीत के दौरान अरूण ने एक अप्रैल 2017 को दोनों की ज्वाइनिंग की बात कही। उसके बाद उसने अपना मोबाइल बन्द कर लिया। मोबाइल बन्द होने पर अवध नारायण को शक हुआ। अरूण को खोजते खोजते 29 अप्रैल 2017 को उसके कार्यरत विद्यालय सर्वोदय इण्टर कालेज पिण्डारा मुसाफि र खाना अमेठी गया तो वहाँ अरुण मिल गया। जब नौकरी के लिए दिए अपने 20 लाख रूपये मांगे तो इतने में जालसाज बौखला गया और जान से मारने की धमकी देते हुए गालियां बकने लगा। अवध नारायण के मुताबिक अरुण केसाथ उसके रिश्तेदार सूरज उर्फ मिथुन पांडेय, शिवशंकर, शोभनाथ तिवारी, प्रिंस तिवारी आदि शामिल हैं। भुक्तभोगी ने एसएसपी से न्याय की गुहार लगायी है।
गिरोह बनाकर बेरोजगारों को फंसा रहा अपनी जाल में


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