RRAEBARELI:हजारों अपनों की सजल आंखों के बीच आखिरी विदाई में दिखे विजय त्रिपाठी 🎯वित्त विहीन माध्यमिक विद्यालय प्रबंधक सभा के प्रदेश अध्यक्ष के अन्तिम संस्कार पर उमड़ा सैलाब। 🎯बेसिक शिक्षक वेलफेयर एसोशिएसन उ0प्र0 के प्रदेश प्रवक्ता व् मीडिया प्रभारी देश दीपक पाण्डेय की क़लम से"तुम्ही खो गए दास्ता कहते कहते!!"

June 20, 2017
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हजारों अपनों की सजल आंखों के बीच आखिरी विदाई में दिखे विजय त्रिपाठी
🎯वित्त विहीन माध्यमिक विद्यालय प्रबंधक सभा के प्रदेश अध्यक्ष के अन्तिम संस्कार पर उमड़ा सैलाब।
🎯बेसिक शिक्षक वेलफेयर एसोशिएसन उ0प्र0 के प्रदेश प्रवक्ता व् मीडिया प्रभारी देश दीपक पाण्डेय की क़लम से"तुम्ही खो गए दास्ता कहते कहते!!"
रायबरेली। गंगा का पावन तट आज मानो गंगा बह तो रहीं थी किन्तु उनकी कल-कल धारांए भी जाने क्यों मध्यम गति से शांति का एहसास करा रहीं थी। भगवान सूर्य की किरणें भी अस्तांचल की लालिमा को जैसे समेटने को बेताब हो उठीं थीं। हजारों हजार का कारवां किन्तु हर चेहरे पर खामोशी और हर आंखों की धारांए सजल सहमी हुई बेबसी का भी आलम लिए हुए थी। रायबरेली जिले के सलोन के बगल पारी गांव के निवासी रहे वित्तविहीन माध्यमिक शिक्षक संघ विद्यालय प्रबंधक महासभा के प्रदेश अध्यक्ष स्व विजय त्रिपाठी की चिता के साथ जब उनके सगे भांजे एवं प्रतापगढ़ जनपदीय संस्कृत शिक्षक समिति के अध्यक्ष आचार्य राजेश मिश्र के युवा दामाद इं संदीप मिश्र और विजय त्रिपाठी के बहनोई की भी एक साथ चिता की अग्नि जब प्रचंड वेग पर आई तो हर कोई शख्स अपनी अपनी बेबसी में कैद नजर आ रहा था। घर पर जब तीन के तीन एक ही परिवार के पार्थिव शरीर को अपने कंधा दे रहे थे तो बच्चों का विलाप और महिलाओं का करूण क्रंदन हर आंखों को निस्तेज असहज बना गयी थी। किसी को क्या मालुम कि बैंगलूर प्रवास समाप्त कर अपने गांव की गर्मी का सुखानुभूति की भावनाओं को लेकर वापस आ रहे विनम्र तेज तर्राक मृदु भाषी हर किसी में घुलमिल जाने वाले सहज शिक्षक नेता एवं समाजसेवी विजय त्रिपाठी अब सदा सर्वदा के लिए अपनी चिर स्मृतियों में इस तरह अंजान बनकर खामोश हो उठेंगें। क्या मालुम कि गंगा घाट पर विजय जी अपने साथ अपने बहनोई और भांजे को भी हर वक्त के लिए अलविदा बोलने का अंदाज खामोश स्थिर काया के बीच कराएंगें। विजय त्रिपाठी अपने पीछे दो बेटियों और पत्नी को निराश्रित छोड़ गए तो उनके भांजे संदीप तो अपने चार साल के मासूम इकलौते बेटे ऋषभ व पत्नी रश्मि को तो बिलकुल बेसहारा छोड़ गए। इस दर्दनाक मंजर के बीच मौजूद थे लखनऊ क्षेत्र से शिक्षक विधायक उमेश द्विवेदी। विधायक उमेश द्विवेदी तो मालुम अपने चिर खांटी समर्थक और सहयोगी विजय त्रिपाठी की असमय मौत पर अफसोस क्या बल्कि यह कहिए नियति के सामने हाथ मलते ही रह गए हों। हजारों हजार का कारवां विजय त्रिपाठी के साथ गुजारे हुए सुन्दर और यादगार पलों को सहेजने और समेटने की चर्चा में ही मशगूल दिख रहा था। किसी को सहज यह विश्वास ही नही हो रहा था कि सबसे मिलने का वायदा कर बैंगलूर गए विजय त्रिपाठी अब किसी भी एक अपने के बीच अपनी चिर परिचित शौम्य मुस्कुराहट को सदा सर्वदा के लिए खामोश ओढ़ा बैठेंगें। हर कोई तो उनके व्यवहार और समीप होने का कायल था किन्तु हर किसी को इस तरह खामोशी के साथ उनका अपने से बिछड़ जाने का दर्द छिपाए नही छिप रहा था। अन्तिम संस्कार के समय विजय त्रिपाठी को विदाई देने में शिक्षक विधायक उमेश द्विवेदी के अलावा ऊंचाहार के सपा विधायक एवं पूर्व मंत्री मनोज पांडेय, एमएलसी संजय मिश्र राज्यसभा सदस्य एवं वरिष्ठ कांग्रेस नेता प्रमोद तिवारी के मीडिया प्रभारी ज्ञानप्रकाश शुक्ल सलोन के पूर्व प्रमुख आजाद सिंह रायबरेली जिला कांग्रेस अध्यक्ष पीके शुक्ला महामंत्री प्रमोद त्रिपाठी कांग्रेस नेता त्रिजुगीनाथ त्रिपाठी भाजपा नेता बृजेश सिंह ब्लाक प्रमुख रामसजीवन यादव पं रामजागेश्वर त्रिपाठी भारतीय राष्ट्रीय पत्रकार महासंघ के लालगंज तहसील अध्यक्ष देवानन्द मिश्र यूपी बार कांउसिल के प्रत्याशी अनिल त्रिपाठी महेश वरिष्ठ संगीतकार  व शिक्षक विनय शुक्ल वरिष्ठ पत्रकार चन्द्रशेखर तिवारी प्राचार्य डॉ शक्तिधरनाथ पांडेय रवीन्द्र शुक्ला शिक्षक नेता बृजेश द्विवेदी सुधाकर शुक्ल दिवाकर शुक्ल विमल त्रिपाठी सत्यम मिश्र ख्याति प्राप्त चिकित्सक डॉ बृजेश मिश्र डॉ सनातन मिश्र(आर शिवम् जी गणेशम(समीर मिश्र आदि भी इस कारूणिक दृश्य के साक्षी नजर आ रहे थे। पावन चिर स्मृतियों को हर किसी का दिख रहा था पतित पावनी गंगा के घाट पर श्रद्धा के भाव संजोए नमन।
🎯जिले से शोक व्यक्त करने वालों में शिक्षक विधायक उमेश द्विवेदी, बे0शि0वे0एसो0 उ0प्र0के प्रदेश अध्यक्ष महेन्द्र कुमार यादव के अलावा ऊंचाहार के सपा विधायक एवं पूर्व मंत्री मनोज पांडेय, एमएलसी संजय मिश्र राज्यसभा सदस्य एवं वरिष्ठ कांग्रेस नेता प्रमोद तिवारी के मीडिया प्रभारी ज्ञानप्रकाश शुक्ल, शिक्षकों में चन्द्र प्रकाश पाण्डेय, राजेन्द्र कुमार पाण्डेय, दिनेश दीक्षित, अमरेश सिंह, मनोज अवस्थी समेत जिले के सैकड़ों शिक्षकों ने गहरा शोक व्यक्त किया है।


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