यूनिफॉर्म बंटी नहीं, उगाही शुरूशिकायतें मिलने पर शासन आया हरकत में जिलाधिकारियों को पत्र भेजकर उगाही पर अंकुश लगाने का निर्देश

July 08, 2017
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यूनिफॉर्म बंटी नहीं, उगाही शुरू

शिकायतें मिलने पर शासन आया हरकत में

जिलाधिकारियों को पत्र भेजकर उगाही पर अंकुश लगाने का निर्देश

गड़बड़झाला

राज्य ब्यूरो, लखनऊ : परिषदीय स्कूलों के बच्चों को सरकार की ओर से दी जानी वाली यूनिफॉर्म अब तक बंटी नहीं है लेकिन, बच्चों की पोशाक के नाम पर बेसिक शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने उगाही शुरू कर दी है। लिहाजा शासन को जिलाधिकारियों को पत्र भेजकर इस पर रोक लगाने के लिए कहना पड़ा है। 1परिषदीय स्कूलों में कक्षा एक से आठ तक के सभी बच्चों को सरकार निश्शुल्क यूनिफॉर्म देती है। प्रत्येक सत्र में हर बच्चे को दो सेट यूनिफार्म दी जाती है। बच्चों को यूनिफॉर्म मुहैया कराने की जिम्मेदारी स्कूलों की विद्यालय प्रबंध समितियों को सौंपी गई है। योगी सरकार ने वर्तमान शैक्षिक सत्र में बच्चों की यूनिफॉर्म का रंग बदला है। बच्चों को यूनिफार्म उपलब्ध कराने के लिए स्कूलों को प्रत्येक बच्चे के लिए 400 रुपये (200 रुपये प्रति सेट) के हिसाब से धनराशि मुहैया करायी जाती है। बच्चों को यूनिफॉर्म मुहैया कराने की जिम्मेदारी स्कूलों की विद्यालय प्रबंध समितियों को सौंपी गई है। धनराशि विद्यालय प्रबंध समितियों के खाते में भेजी जाती है। यूनिफॉर्म के लिए सर्व शिक्षा अभियान के राज्य परियोजना कार्यालय ने बीती 28 जून को जिलों को धनराशि की थी। इसी बीच प्रदेश के कई जिलों में खंड शिक्षा अधिकारियों ने विद्यालय प्रबंध समितियों के सदस्यों और स्कूलों के शिक्षकों से अवैध वसूली के लिए उन पर दबाव बनाना शुरू कर दिया। अवैध वसूली की यह शिकायतें शासन तक भी पहुंचने लगीं। लिहाजा अपर मुख्य सचिव बेसिक शिक्षा राज प्रताप सिंह ने सभी जिलाधिकारियों को पत्र लिखकर खंड शिक्षा अधिकारियों द्वारा की जा रही अवैध वसूली को आपत्तिजनक बताया है। उन्होंने जिलाधिकारियों को इस पर तत्काल अंकुश लगाने के लिए प्रभावी कार्यवाही करने का निर्देश दिया है। जिलाधिकारियों से कहा गया है कि वे पारदर्शी तरीके से बच्चों को यूनिफॉर्म उपलब्ध कराने की व्यवस्था सुनिश्चित करें और अपने स्तर से इसकी निगरानी भी करें। यदि कोई अधिकारी क्रय प्रक्रिया को दूषित करते या अवैध वसूली करते पाया जाता है तो उसके खिलाफ कठोरतम कार्रवाई की जाए।

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