फर्जीवाड़ा कर बने शिक्षक,15 बर्खास्त,भर्ती पर सवाल उठने के बाद हुई जांच, रिपोर्ट आने पर कार्रवाई

October 29, 2017
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फर्जीवाड़ा कर बने शिक्षक,15 बर्खास्त

दर्ज होगी एफआइआर

विभाग की चयन समिति के सदस्यों को गुमराह कर फर्जी अभिलेख के सहारे नौकरी हासिल करने वाले 15 शिक्षकों के विरुद्ध एफआइआर दर्ज करने के लिए पुलिस अधीक्षक को पत्र भेजा गया है। बीएसए ने बताया कि इन लोगों ने पूरी प्रक्रिया पर सवालिया निशान लगा दिया था। गलत ढंग तरीके से नियुक्ति ली।

भर्ती पर सवाल उठने के बाद हुई जांच, रिपोर्ट आने पर कार्रवाई

संवादसूत्र, गोंडा : फर्जीवाड़ा कर नौकरी हथियाने वाले 15 अध्यापकों की सेवा समाप्त कर दी गई। शैक्षिक अभिलेखों के फर्जी पाए जाने व गलत तथ्य देने के मामले में यह कार्रवाई की गई। अब आरोपियों के विरुद्ध विधिक कार्रवाई भी कराई जाएगी।1बेसिक शिक्षा विभाग की भर्ती में दीपक वर्मा, मनोज कुमार, चंद्रकांत, वैभव यादव, शिवकुमार शर्मा, संदीप कुमार वर्मा, देवेश चंद्र वर्मा, राघवेंद्र कुमार वर्मा, सुकांत यादव, आशीष कुमार, वेद प्रकाश, सुबोध कुमार, अशोक कुमार, चंदन यादव व जीतेंद्र कुमार की नियुक्ति की गई थी।

बेसिक शिक्षा अधिकारी संतोष कुमार देव पांडेय ने बताया कि नियुक्ति प्रक्रिया पूरी होने के बाद इन्हें तैनाती दी गयी, लेकिन कटऑफ मेरिट से बाहर हुए कुछ अभ्यर्थियों ने उच्च न्यायालय में याचिका दाखिल कर इनकी नियुक्ति पर सवाल उठाए। इस पर शिक्षण संस्थानों से अभिलेखों का सत्यापन कराया गया। परीक्षा नियामक प्राधिकरण ने संदीप कुमार वर्मा, अशोक कुमार, चंदन यादव व जीतेंद्र कुमार की टीईटी की डिग्री को फर्जी करार दिया। इसके साथ ही शिक्षाक्षेत्र बेलसर व कर्नलगंज में तैनात रहे वैभव यादव व सुकांत यादव फीरोजाबाद में नौकरी करते मिले। शेष नौ शिक्षकों ने आवेदन में गलत तथ्य दर्शाए हुए थे। अभिलेखों की पड़ताल से इसका खुलासा हुआ, जिसके बाद तीन सदस्यीय कमेटी बनाकर जांच कराई गई।

हरेंद्रवीर सिंह, जिलाधिकारीबीएड फर्जीवाड़े में जेल भेजे गए चारों कर्मचारी निलंबितजासं, आगरा :

डॉ. बीआर अंबेडकर विवि की फर्जी बीएड डिग्री पाकर नौकरी कर रहे 4,570 शिक्षकों को चिह्न्ति करने के लिए शासन ने 27 अक्टूबर तक का समय दिया था, लेकिन विभाग ने एक भी शिक्षक को चिह्न्ति नहीं किया। बीएड के सत्र 2005 फर्जीवाड़े और फर्जी सत्यापन के मामले में एसआइटी ने 24 अक्टूबर को चार लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। कुलपति डॉ. अरविंद दीक्षित ने चारों कर्मचारियों को निलंबित कर दिया। वहीं बेसिक शिक्षा विभाग में भी फर्जी डिग्री से नियुक्ति पाने वाले शिक्षकों के नामों को लेकर हड़कंप की स्थिति है।

कटऑफ मेरिट से बाहर हुए अभ्यर्थियों ने लगाया था फर्जीवाड़े का आरोप

जांच में पता चला फर्जी थी डिग्री, आवेदन में दी गई थी गलत जानकारी

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